Inspirational Stories - भगवान की कृपा (God Bless) | Audible Spiritual Short Stories in Hindi By BK Shradha

Inspirational Stories - भगवान की कृपा 



एक बार की बात है बहुत तेज बारिश हो रही थी। दो मटके(घड़े) बाहर रखे हुए थे। बारिश में दोनों भीग रहे थे। थोड़ी देर के बाद जब बारिश बंद हुई तो एक मटका भर गया और दूसरा खाली रह गया।

जो मटका खाली रह गया गया वो वर्षा से कहता है अरी वर्षा तू पक्षपात(भेदभाव) करती है। तूने इसे भर दिया है लेकिन मुझे नहीं भरा।

तब बारिश कहती है।मटके तू ऐसा क्यों बोल रहा है। मैंने तुम दोनों मटको पर बराबर बारिश की है। लेकिन तू अपना मुह तो देख। तेरा मुह नीचे की ओर है।

दोस्तों वो मटका उल्टा रखा हुआ था। गलती खुद की है लेकिन दोष दुसरो पर ।

ठीक इसी तरह भगवान भी हम पर कृपा करते है लेकिन गलती हमारी ही होती है। 

हमारी ही झोली छोटी पड़ जाये तो भगवान को दोषी क्यों ठहराए। जिस तरह से सूर्य देव सब पर बराबर धूप डालते है। 

अब हम खुद ही मुख मोड़ के बैठ जाये तो हमारी गलती है ना की सुर्ये देवता की। भगवान की कृपा संत जन समझ पाते है।

 वो प्रत्येक कर्म में भगवान की किरपा का अनुभव करते है। चाहे कुछ अच्छा हो या बुरा।
हर परिस्तिथि में खुश रहो और भगवान की कृपा का अनुभव करो।

इस तरह से भगवान की कृपा हम पर बरस रही है बस हम अनुभव नहीं कर पा रहे है।

एक चीज और हम भगवान से जीवन में क्या मांगे?
यदि किसी चीज की कमी है तो आप भगवान से केवल और केवल उनकी कृपा मांगिये क्योंकि कृपा में सब कुछ आ जाता है।

मांगने वाले खाली ना लौटे, कितनी मिली खैरात ना पूछो।
उनकी कृपा तो उनकी कृपा है, उनकी कृपा की बात ना पूछो॥

ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, जो भगवान से प्यार करते हैं उन्हें दुःख मिले और जो अच्छा करे उन्हें बुराई मिले। अगर ऐसा होता तो सभी लोग आज बुरे कर्म कर रहे होते। हाँ कलियुग का प्रभाव है। 

लेकिन अच्छे करने वाले भगवान को बहुत पंसद है, बहुत प्रिय है। ये हमारी सोच यही कि भक्तों को खुशी नहीं मिलती। भक्त न खुशी चाहता है न दुःख चाहता है वो तो उसके नाम को हर समय लेना चाहता है, गाना चाहता है।

 क्योंकि जब हम उसकी याद में सच में होते हैं तो कोई दुःख तकलीफ हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाती।

 प्रल्हाद जी को भगवान ने कुछ होने नहीं दिया, मीराबाई ने विष पिया लेकिन भगवान ने रक्षा की। सुख दुःख हमें अनुभव होता है, 

भगवान के भक्तों को रंच मात्र भी इसका भान नहीं रहता है और जो वास्तव में सच्चे भक्त है वो ये भी ध्यान नहीं देते हैं कि कौन आदमी क्या कर रहा है।

Inspirational Stories - God bless

Inspirational Stories - भगवान की कृपा (God bless)

Once upon a time it was raining heavily. Two pot (pot) were kept outside. Both were wet in the rain. After a while when the rain stopped, one matka was filled and the other was empty.

The pot that remained empty says to the rain, `` Oh rain, you do partiality (discrimination) ''. You have filled it but I have not filled it.

Then the rain says. Why are you saying such a thing. I have made equal rain on both of you. But you see your mouth. Your mouth is down.

Friends, that matka was kept upside down. The fault is his own but the blame is on others.

In the same way, God also blesses us, but our fault lies.

If our bag falls short then why blame God. The way the sun god puts equal sunlight on everyone.

Now if we sit facing ourselves, it is our fault not that of the deity. The saint is able to understand the grace of God.

 They experience the character of God in every act. Whether something is good or bad.
Be happy in every situation and feel the grace of God.

In this way the grace of God is showering on us, just we are not able to feel it.

One thing and what do we ask of God in life?
If there is a shortage of anything, then you ask God only and only His grace because everything comes in grace.

Those who ask did not return empty, do not ask how much bail.
His grace is his grace, don't ask about his grace.

It is not at all like that those who love God should suffer and those who do good will get evil. If that were the case then all the people would have been doing bad deeds today. Yes, there is the effect of Kali Yuga.

But the God who does good likes and loves dearly. This is our thinking that devotees do not get happiness. The devotee neither wants happiness nor wants sorrow, he wants to take his name all the time, he wants to sing.

 Because when we are truly in his memory, no grief hurts us.

 God did not allow Pralhad ji to happen, Meerabai drank poison but God protected her. We experience happiness and sorrow,

The devotees of God do not even know about Ranch, and those who are truly true devotees do not even care what the man is doing.

Om Shanti

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